मानव श्रृंखला मनुष्य जीवन का महत्वपूर्ण एवं अंतिम पड़ाव है शास्त्रों में कहा गया है कि कई हजार साल बाद या सिर्फ एक बार ही मनुष्य मानव जाती में जन्म लेता है यह जीवन अनमोल है कोई ऐसे ही गुजार देता है तो कोई अपना नाम इतिहास में अमर कर देता है जो अपना जीवन ऐसे ही गुजार रहा होता है वह शायद जीवन के मूल भुत सिद्धांतों से अवगत नहीं होता है लेकिन जो जीवन के सिद्धांत को अपनाते हैं उनका नाम अमर हो जाता है सारे बड़े-बड़े लोग जीवन के सिधान्तों पे चलकर ही बड़े-बड़े काम किये हैं आइये जानते हैं ये दो महत्वपूर्ण सिद्धांत जिसे अपनाकर आप और हम अपनी जीवन बदल सकते हैं।
1. वर्तमान में जीना
सीखें –
यह जीवन दो के मूलभूत सिद्धांतों में से पहला महत्वपूर्ण सिद्धांत है। 99 % लोग सिर्फ काल्पनिक दुनिया में जीते हैं हमेशा कल्पनाओं में अपने आप को बड़ा बनते देखतें हैं। लेकिन काल्पनिक दुनिया को हकीकत में बदलने के लिए काम (action ) भी करना पड़ता है जो बहुत कम लोग जानते हैं या कर पाते हैं और काम करने के लिए वर्तमान में जीना बहुत जरूरी होता है। वर्तमान में जीना मतलब अपने जीवन को नजदीक से देखना इसको कुछ उदाहरण से समझते है की वर्तमान में जीना किसे कहते हैं। सुबह से ही अपने जीवन के हरेक एक क्रिया या काम को करते हुए महसूस करें जैसे जब आप ब्रश या स्नान करते हैं तो दांतों की चमक या शरीर की सफाई के बारे में ही सोचना चाहिए और जब हम खाना खाते हैं तो सिर्फ खाने पे ध्यान जैसे खाना का सुगंध को महसूस करना,चबाकर खाना या जब कुछ महत्वपूर्ण काम करते हैं तो उस समय सिर्फ उसी के बारे में सोचना या जो मन में विचार चलने चाहिए वो भी वर्तमान से सम्बंधित हो ऐसे हजारों उदाहरण हो सकते है जो आपके या हमारे जीवन का हिस्सा है अगर हम सभी एक एक पल या क्षण को वर्तमान में जीने की आदत डालते हैं तो हमारा जीवन सचमुच स्वर्ग हो जायेगा।
वर्तमान में जीने के कई लाभ हैं।
- हमेशा खुश रहेंगे क्यूंकि आप वर्तमान में रहकर चिंता नहीं करेंगे।
- कभी गुस्सा नहीं करेंगे क्यूंकि वर्तमान में रहने से गुस्सा कम आता है।
- आपका शरीर का वजन नहीं बढेगा क्यूंकि वर्तमान में रहकर सही खाना का चुनाव और सही तरह से खाना खायेंगे।
- कभी बीमार नहीं पड़ेंगे क्यूंकि वर्तमान में रहकर जीवन पद्धति का पालन करते हुए एक आदर्श दिनचर्या का पालन करेंगे।
- सफलता आपके कदम चूमेगी क्यूंकि वर्तमान में रहकर अपने कामों को नये सोच के साथ क्रमबद्ध तरीके से करेंगे।
- परिवार के लिए समय निकालेंगे क्यूंकि वर्तमान में रहकर सही समय पर सही काम कर अपने परिवार को समय देंगें।
“वर्तमान” एक बहुत ही तर्कशील शब्द है
सारा जीवन इसी पे निर्भय करता है वर्तमान ही आपका भविष्य का श्रोत है जैसा आपका
वर्तमान होगा वैसे ही भविष्य का निर्माण होगा इसलिए गीता में भी ' भगवान कृष्ण ' ने भविष्य ( Future ) के चिंतन के
लिए कहा – अर्जुन से कहा है “जीवन ना तो भविष्य में है, ना अतीत में है जीवन तो बस इस क्षण में है"।
2. खुद को समय दो –
यह जीवन दो के मूलभूत सिद्धांतों में से
दूसरा महत्वपूर्ण सिद्धांतों है। खुद को
समय देने का मतलब है की अपने बारे में जाने,आपका क्या कमजोरी है या गुण और मजबूती
है, आप जीवन में क्या करना चाहते हैं और उसे कैसे हासिल करना चाहते हैं ज्काब आपका
कमजोरी का पता चल जाये और खुद पे समय देकर अगर उसपर विजय हासिल कर ले तो जीवन का
हर मुस्किल आसन हो जायेगा यहाँ तक आप जो बनाना चाहोगे वो मुकाम हासिल होगा खुद को
समय नहीं देना मतलब खुद को बलिदान देने जैसा है आप दूसरे के कामों में खुद को व्यस्त रखते हो इसका अर्थ यह होता है की
आप अपने जीवन के लिए नाकामयाबी ,चिंता,
टेंशन और बीमारी ग्रहण कर रहे हो।
जीवन के सर्वोपरी कामों में पहला काम है
खुद के लिए समय निकलना यह एक ऐसा चमत्कारी सूत्र है जसे जीवन के ऊँचाइयों को पा सकते हैं इसे
एक उदहारण से समझते हैं किसी का सपना है कुछ करने का और वो पैसों की कमी के वजह से
नहीं कर पाता है और पैसा कमाने के लिए कुछ समय के लिए एक कंपनी ज्वाइन करता है यह
सोच कर की कुछ दिन में पैसा इकठा कर खुद का सपना पूरा करूँगा लेकिन ज्वाइन करने के
बाद आप कंपनी के लिए हद से ज्यादा समय देने लगे और खुद को चिंता और टेंशन में रखने
लगे तो आपका सपना का क्या होगा ऐसे में वही लोग इससे बाहर निकलते है जो खुद के लिए
प्रतिदिन समय निकलते हैं चाहे कितना भी व्यस्त न हो।
खुद पे समय देने के कई लाभ हैं।
- जीवन की नई उंचाइयों को प्राप्त करना क्यूंकि खुद पे समय देकर आपने अपने कमियों को भगाया है।
- जीवन में अपार खुशियाँ प्राप्त करना क्यूंकि खुद पे समय देकर आपने हर वो चीज हासिल किया है।
- समय पर विजय पाना क्यूंकि खुद पे समय देकर आपने समय को अपने अनुसार उपयोग किया है।


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