भारत में चिकित्सक को भगवान का दूसरा रूप माना जाता है और इसे पृथ्वी का भगवान भी कहते हैं। इन्ही के मान सम्मान में अर्जित यह राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस(National Doctors Day) मनाया जाता है और इसका महत्व यह है की चिकित्सक अपना निस्वार्थ भाव से जन कल्याण में लोगों की सेवा करते रहें और अपनी जिम्मेदारीयों के प्रति और सजग रहे। दूसरा महत्व यह भी है की जन मानस यह दिवस को मनाकर सारे चिकित्सक को अपनी ओर से आभार प्रकट करते हैं और उनकी सेवा भाव और जबाबदेही को अभिनन्दन करते हैं यह दिन चिकित्सकों के व्यक्तिगत जीवन और समुदायों में योगदान को मान्यता देने के लिए मनाया जाता है।
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस(National Doctors’s Day)
का शुरुआत कब हुआ ?
चिकित्सक के सम्मान में यह दिवस विभिन्न देशों
में अलग-अलग तिथि को मनाया जाता है इसकी शुरुआत सबसे पहले अमेरिका देश से हुआ है। जॉर्जिया के विंडर में पहला चिकित्सक दिवस 28
मार्च,1933 को मनाया गया था और भारत में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस की शुरुआत 1 जुलाई,1991
में भारत के तत्कालीन सरकार के द्वारा किया गया था। अभी तक लगभग कुल बारह देश चिकित्सक
दिवस अलग- अलग तिथि में मानते हैं उसमे प्रमुख देश है अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, टर्की,
ईरान क्यूबा इत्यादि।
भारत में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (NationalDoctors’s Day) मनाने का क्या इतिहास है?
भारत में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस डॉ.बिधानचन्द्र रॉय के जन्म दिवस के शुभ अवसर पर मनाया जाता है वे एक प्रख्यात चिकित्सक
एवं स्वतंत्रा सेनानी थे जो आगे चलकर पश्चिम बंगाल के दुसरे मुख्यमंत्री बने। संजोग
से इस महान शख़्सियत का जन्म 1 जुलाई को हुआ था और मृत्यु भी 1 जुलाई को हुआ। इस दिवस की शुरुआत डॉ.बिधान चन्द्र रॉय को श्रद्धांजलि देने के लिए वर्ष 1991 में की गई थी। उन्होंने भारतीय समाज के
विकास के लिए अत्यधिक योगदान दिया तथा बहुत सारे संस्थानों और अस्पतालों की शुरुआत
की। तब से प्रति वर्ष यह दिवस सभी डॉक्टरों के सम्मान
में मनाया जाता है। इनका जन्म 1 जुलाई, 1882 बंकीपुर,पटना,बिहार तब के बंगाल प्रेसीडेंसी,ब्रिटिश भारत में
हुआ था और मृत्यु 1 जुलाई, 1962 कोलकाता,पश्चिम बंगाल में हुआ था।
भारत में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (National
Doctors’s Day) कैसे मनाया जाता है?
यह दिन कई समारोह के रूप
में सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों के द्वारा स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा सेवाओं को
मद्देनजर और उनके मान सम्मान में मनाया जाता है। समारोह से तात्पर्य यह है की
इसदिन देश के कोने-कोने में तरह-तरह के कार्यक्रमों और संगोष्ठी का आयोजन किया
जाता है। जिसमे कई गणमान्य लोग उपस्थित होकर अपना विचार रखते हैं और डॉ.बिधान चन्द्र रॉय के योगदान को याद कर उनके विचारों पर चलने के लिए संकल्प लेते हैं और
तत्कालीन चिकित्सक के भूमिका को भी आभार प्रकट करते हैं। यह समारोह विद्यालयों और
महाविद्यालयों (सरकारी एवं गैर सरकारी) द्वारा चिकित्सीय विषयों पर विचार गोष्टी,चर्चा,
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता,मंथन और
खेल-गतिविधियों आदि का आयोजन किया जाता हैं। रोगियों द्वारा चिकित्सकों के लिए
अभिवादन और अभिनंदन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
आज के परिपेक्ष में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (National Doctors’s Day) का महत्व
!
ऐसे समय में जब कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया
में आतंकित किया हुआ है कोरोना वायररस (Coronavirus)
महामारी से लगभग लाखों लोग मर रहे है और ऐसे
में भारत के डॉक्टर्स या यह कह सकते हैं की पूरी दुनिया के डॉक्टर्स को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाकर सही आभार व्यक्त करने या सम्मान करने का वक्त है क्योंकि
दुनिया के डॉक्टर्स अपनी जान की परवाह किए बगैर कोरोना वायररस से दूसरों के जीवन
की रक्षा कर रहे हैं। सही मायने में आगामी 1 जुलाई, 2020 को मनाये जाने वाला राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस अपने आप में अहमियत रखता है।



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