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शनिवार, 26 जून 2021

नकारात्मक लोगो से बचके रहने के फायदे: benifits of staying away from negative people in hindi

                              नकारात्मक लोगो से बचके रहने के फायदे  

     

  नकारात्मक लोगो से क्यो बचना चाहिए  

          हमारे जीवन में नकारात्मक लोगो का होना कोई नई बात नही. हर जगह हर मोड़ पर ऐसे लोग मिल ही जाते है जो हमे आगे बढ़ने में मुश्किले पैदा करते रहते है. वे खुद तो नकारात्मक विचारो से आगे नही बढ़ पाते मगर उनके संगती और संपर्क में रहने वाला व्यक्ति भी कई हद तक नकारात्मकता का शिकार होकर अपनी अच्छाई और आत्मविश्वास को खोना शुरू कर देता है. चाहे वो व्यावहारिक जीवन हो या पारिवारिक दोनों ही जगह ऐसे व्यक्ति होते है. पर मुश्किल बात तो यह है की इतनी आसानी से उन्हें हम अपनी जिंदगी से निकाल भी नही सकते इसीलिए समय समय पर हमे ही अपने आप को उनके विचारो से खुद को दूर रखना पड़ता है. अपने आप को उनसे बचाकर रखना पड़ता है.


नकारात्मकता कहाँ से आती है

 वजह कुछ इसप्रकार हो सकती है-

नकारात्मक लोगो के साथ रहने से

नकारात्मक बाते सुनने से

जीवन में आयी असफलता से

मन में बैठे डर और शंका से

हार और विफलता के परिणाम से

जिंदगी की रूकावटो और कठिनाइयों से

नकारात्मक सोच से 


             नकारात्मकता का सबसे पहला जरीया वो नकारात्मक बाते ही होती है जो दुसरो से या अपनों से सुनने मिलती है.  सबसे बड़ी वजह तो वो लोग होते है जो हमारे साथ रहकर हमे नकारात्मक बातो से गलत दिशा में ले जाते है.  जिंदगी में आगे बढ़ना है तो नकारात्मक चीजो और विचारो और लोगो से दूर रहना बेहद जरुरी है . 

         

नकारात्मक लोग कैसे होते है

          नकारात्मक लोग वो होते है जो हमे अपनी बातो से निराश करते है. तरीका चाहे जो हो उनका मकसद केवल हमारा मनोबल गिराना होता है. 

        जैसे हमारा कोई सपना है उसे पूरा करने के लिये हम अपने सबसे अच्छे दोस्त से सलाह लेना चाहते है उससे बात करना चाहते है , हमे यकीन होता है की वह कुछ ऐसी बाते बोलेगा जिससे हमें  प्रेरणा मिलेगी या फिर कुछ नही तो कम से कम वो हमे हौसला देगा नई राह दिखायेगा. मगर वो एकदम से कह दे की ये हो ही नही सकता तुम्हे इसके बारे में सोचना भी नहीं चाहिए ये बहुत मुश्किल है. तुमसे नही होगा, तुम कुछ और करो फलाना फलाना.

          अब घर परिवार की बात ले लेते है, कोई एक सदस्य ऐसा होता है जो अक्सर हमारी गलतियों के बारे में ही बात करता हो, हम अच्छा करने की दुबारा कोशिश करे फिर भी वह केवल गलतियों पर ही ध्यान देता है. क्योंकि वह खुद नकारात्मक होता है उसे दुसरो की अच्छाई में भी बुराइ ही नजर आती है. जिससे हम कितना भी सुधार करना चाहे, अच्छा करने की कोशिश करे गलत ही साबित हो जाते है और बाकि सदस्यों की नजरों में भी बुरे बन जाते है. ऐसेमे हमारे मन में नकारात्मकता वास कर जाती है, अपनी अच्छाई और आत्मविश्वास से भरोसा कम होने लगता है. जिसका असर परिवार का माहौल बिगड़ना शुरू हो जाता है.



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नकारात्मक लोगो से दूर रहने के फायदे क्या है

          ऐसी कितनी ही परिस्थितिया आती है जहा नकारात्मकता का दुष्प्रभाव इन्सान को घेर लेता है जिससे निकलना बहुत जरुरी होता है. इसका केवल एक रास्ता है उन लोगो से दूर रहना जो हमे आगे बढ़ने से रोकते है. अगर दूर होना मुमकिन ना भी हो तो उनके विचारो से ही दूर रहना. वो चाहे जो कुछ कहे अपने आप पर यकीन रखना और अपने अनुसार फैसले लेना.नेगेटीव लोगो से दूर रहने से  हमे कई फायदे होते है, जैसे 


#आत्मविश्वास की कमी नहीं होती

अक्सर जब हम अच्छी बाते सुनते है तो हम अच्छा ही करते है . कोई ऐसा व्यक्ति जो हमे प्रेरित करता हो उसका साथ हम अपना सकते. सबसे जरुरी बात यह ये होती है की नकारात्मकता की रूकावट नही आती. जो भी हम करना चाहते है पुरे आत्मविश्वास से कर पाते है.


#खुदपर विश्वास खोने से बचते है

नकारात्मक व्यक्ति की बाते हमे इस हद तक नकारात्मक बनाती है की कभी कभी खुद पर से ही विश्वास खोने लगता है .

 व्यक्ति की कामयाबी उसके खुदपर विश्वास से ही जुडी होती है. जब तक वः खुदपर विश्वास नहीं करता कोई उसपर उसके कामो पर विश्वास नही करता. इसीलिए व्यक्ति को खुद पर से विश्वास कभी नही खोना चाहिए.


#खुदके प्रति हीन भावना नही आती

जब कोई व्यक्ति बार बार नकारात्मक बाते सुनता है तो अपने प्रति हीन भावना को मन में जगह दे देता है,अपने आप को कम आंकने लगता है . उसे दुसरो की बातो पर भरोसा होने लगता है. अपने हर काम में कमी नजर आने लगती है. ये हीन भावना इतनी बुरी होती है की इन्सान को अपनी अच्छाई और अहमियत नजर नहीं आती. ऐसा व्यक्ति दुसरो पर ही निर्भर रहने लगता है. जिंदगी में सही फैसले करने से भी कतराने लगता


#नकारात्मक बाते मन में नहीं आती

जब हम ऐसे व्यक्ति से दूर रहते है तो जाहिर सी बात है की मन में हमेशा अच्छी बाते आयेंगी. नकारात्मक बात सुनना या करना दोनों ही सकारात्मकता को नष्ट कर देती है. इससे अच्छा तो यही है के ऐसे लोग हमारे आस पास न हो . उनके विचार हम पर हावी न हो .


यह भी पढ़े:  नकारात्मक सोच पर काबू पाने के लिए 6 तरीके   

 

#रूकावटो को पार कर जाते है

जैसे की रूकावटे नकारात्मकता लाती है और नकारात्मकता रूकावटे लाती है . जब रूकावट नकारात्मकता से जुडी हो तो ये बेहद जरुरी है आप उससे दूर हो जाये और अपने आप पर विश्वास कर आगे बढे. जब मन विश्वास और आशाओं से भरा होता है तो कोई भी रूकावट आपको रोक नहीं सकती .


#अपने लक्ष्यों को पूरा करने का जज्बा मिलता है

अगर हम चिंतन करे तो समझ आता है कि नामुमकिन जैसी कोई चीज नहीं होती ये तो केवल एक निराशा एक नकारात्मकता होती है जो डर और शक का रूप लेकर हमे रोकने का प्रयास करती है. कुछ लोगो की फैलाई हुई नकारात्मकता में उतनी ताकत नहीं होती जितनी हमारे इरादों में होती है. बस यह समझ ले लक्ष्य बड़ा है तो दिक्कते बड़ी होंगी

 

#पर्सनेलिटी डेवलपमेंट भी फायदेमंद

 पर्सनेलिटी  मतलब व्यक्तित्व. व्यक्ति का व्यक्तित्व केवल सकारात्मक चीजो से ही प्रबल बनता है इसका ये मतलब नहीं की उसके जीवन में नकारात्मक जैसी कोई चीज, कोई व्यक्ति नहीं है. इसका मतलब ये है उसने नकारात्मकता में भी अच्छाई की खोज की. अपने आप को बुराइ के सामने  डटकर खड़ा किया. उसने अपना अलग व्यक्तित्व बनाया. उसने केवल अपने अच्छे कामो को अपने खूबियों की अहमियत दी. 


#अपने काम में विश्वास का दिखना

काम हो या कोई लक्ष्य विश्वास तभी दिखता है जब मन आशाओं, सकारात्मकता से भरा होता है. हमारे अन्दर की नकारात्मकता ख़त्म हो जाने से खोया हुआ विश्वास लौट आता है और हम अपने काम को अच्छे से कर पाते है. बिना किसी शक के हम अपना काम बेझिझक करते जाते है.

 

#सफल और सकारात्मक जीवन की ओर कदम :

नकारात्मकता का अँधेरा हमारे जीवन को असफलता , हताशा और निराशा की ओर ले जाता है. मानसिक वेदना भी इसीका एक कडवा सच है. आजकल तो लोग नकारात्मकता बाटने का काम बड़ी आसानी से कर रहे है. सोशल मीडिया भी कई हद तक इसका जिम्मेदार है . आये दिन नेगेटिव ख़बरे आना , अफवाहे फैलाना . ये सब नकारात्मकता का सोर्स है. जो भी हो अपने आप को इन विचारो से दूर रख एक नए जीवन की ओर कदम रखा जा सकता है.  

 


#अपने आप से नई पहचान:

दुसरो की बाते न सुनकर जब हम खुद पर विश्वास करते है तब हम अपने आप को एक नया नजरिया देते है. बीते हुए समय में हमने क्या खोया हमारी कोनसी आदते हमारी खूबी हुआ करती थी,हम किन चीजो में माहिर थे ये सभी बहुत मायने रखती है .  जहा से हम अपनी एक नई पहचान बनाने की कोशिश करते है. अपने हुनर अपने आत्मविश्वास से नई पहचान बनाते है.  

                                              जीवन के किताब के पन्नो से ................

 

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